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धर्म

*हजूर साहिब से 185 संगत का जत्था दर्शन कर सकुशल लौटा* 

*कई गुरुद्वारों के सहित अमृत कुंड के किए दर्शन*

*हजूर साहिब से 185 संगत का जत्था दर्शन कर सकुशल लौटा*

*कई गुरुद्वारों के सहित अमृत कुंड के किए दर्शन*

जोधपुर। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 8 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु रामदास साहब जोधपुर से दिनांक 16 में 2026 से 22 में 2026 तक श्री हजूर साहब के लिए प्रधान बलदेव सिंह के नेतृत्व में 185 संगत का जाता रेल द्वारा रवाना हुआ।

प्रधान बलदेव सिंह ने बताया यह स्थान महाराष्ट्र के नांदेड़ में गोदावरी नदी के पास स्थित सिख समाज के पंच पवित्र तत्वों में से एक इस स्थान पर दसवें गुरु सिखों के गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ज्योति जोत सन 1708 में समाए थे इस स्थान पर गुरु गोविंद सिंह जी ने अपना अंतिम समय बिताया और इस स्थान पर बाबा नंद सिंह जी का स्थान है जोकि गुरु गोविंद सिंह जी ने बाबा नंद सिंह जी को लंगर लगाने का आशीर्वाद दिया और कहा कि हाथ तेरा खीसा मेरा जिससे आज तक 24 घंटे लंगर सेवा चल रही है गुरुजी ने यहां पर रह कर कहीं परोपकारी सेवा कार्य किए जिस पर जोधपुर की संगत ने यहां पर विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन किए।

गुरुद्वारा नानकसर साहिब, गुरुद्वारा रतनगढ़ साहिब, गुरुद्वारा शिकारगढ़ साहिब, गुरुद्वारा माता साहिब देवाजी, गुरुद्वारा हिरा घाट साहिब, गुरुद्वारा माल टेकड़ी साहिब, गुरुद्वारा संगत साहिब, गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह जी, गुरुद्वारा यादगार शाहिद भाई मनी सिंह जी, नानक झीरा साहिब

कर्नाटक बीदर जिले में स्थित है उन्होंने दक्षिण भारत की यात्रा की यात्रा करते हुए गुरु नानक देव जी बीदर पहुंचे और वहां के लोगों ने अपनी अपनी समस्या बताते हुए उन्हें पानी नहीं होने को बताया जिस पर गुरु नानक देव जी ने इधर-उधर पहाड़ी की जमीन को अपने पैर के अंगूठे से टटोलते हुए एक पहाड़ी के नीचे से अपने अंगूठे को साफ किया वहां से मीठे जल की धारा निकली जिस पर वहां के लोगों की आंखें फटी के फटी रह गई जो कि आज यहां सीखो का पवित्र स्थान बना है आज भी वहां जलधारा बह रही है जिसे अमृत कुंड के नाम से भी जाना जाता है व नानक झीरा के नाम से भी जाना जाता है इस स्थान का भी संगत (जत्था) ने अमृत कुंड व गुरुद्वारा साहिब के दर्शन किए इसके उपरांत ज्ञानी प्रीतम सिंह ने सारी संगत की तरफ से शुक्राने की अरदास की।

इस पर सेवादारों ने अशोक सिंह, बोहड़ सिंह, महेश अयानी, प्रमोद, जय, दिवांशु, कारण, तीर्थ, क्रश, हर्षित, मानव, क्षितिज पाल, चरणजीत सिंह, दिव्या, रिया, मनोज, दिपति, भावेश, सुरेंद्र कौर, मनमोहन सिंह, गोल्डी आदि ने सेवाएं दी।

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